महिला नागा साधुओं से जुड़ी ये रोचक बातें नहीं जानते होंगे आप?

महाकाल की नगरी उज्जैन में चल रहा सिंहस्थ कुंभ अपने परवान पर है। जहां नागा साधुओं के अलावा महिला साधुओं के भी अखाड़े है। पुरुष नागा साधुओं की तरह ही महिला साधुओं (सन्यासिनों) के लिए भी अखाड़े में कुछ नियम बनाए गए हैं, जिनका पालन करना उनके लिए जरूरी होता है। आइए जानते है महिला साधुओं से जुड़ी कुछ खास और रोचक बातें...
साधु बनने से पहले महिला को 6 से 12 साल तक कठिन बृह्मचर्य का पालन करना होता है। इसके बाद गुरु यदि इस बात से संतुष्ट हो जाते है कि महिला बृह्मचर्य का पालन कर सकती है तो उसे दीक्षा दी जाती है।
साधु बनने से पहले महिला को 6 से 12 साल तक कठिन बृह्मचर्य का पालन करना होता है। इसके बाद गुरु यदि इस बात से संतुष्ट हो जाते है कि महिला बृह्मचर्य का पालन कर सकती है तो उसे दीक्षा दी जाती है।

महिला को नागा साधु बनाने से पहले अखाड़े के साधु-संत उस महिला के घर परिवार और पिछले जीवन की जांच-पड़ताल करते है


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